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प्रत्यावर्ती धारा


वह वोल्टेज जिसकी धु्रवता का मान समय के सापेक्ष परिवर्तित होता है उसे प्रत्यावर्ती वोल्टेज कहते हैं।
वह धारा जिसका मान व दिशा निश्चित समयान्तराल में परिवर्तित होता रहता है उसे प्रत्यावर्ती धारा कहते हैं।
प्रत्यावर्ती धारा की दिशा और मान के एक पूर्ण परिवर्तन को चक्र ....... कहा जाता है तथा एक चक्र को पूर्ण करने में लगा समय आवर्त काल कहलाता है।
प्रत्यावर्ती धार के वर्ग माध्यम मूल मान तथा औसत मान के अनुपात को फॉर्म  फैक्टर कहते हैं।
ऊर्जा को विद्युत आवेश के रूप में भण्डारित करने की योग्यता को धारिता कहते हे। इसका मात्रक फैरेड होता है।
श्रेणी क्रम में संयोजित संधारित C1ए C2 व C3 की धारिता .............................होगी
समान्तर क्रम में संयोजित संधारित्र C1ए C2 व C3 की कुल धारिता (C1+C2+C3) होगी।
वास्तविक शक्ति तथा आभासी शक्ति के अनुपात को शक्ति गुणक कहते हैं।
शक्ति गुणक के सुधार की निम्न विधियां है-
(1) स्टैटिक संधारित्र के प्रयोग द्वारा
(2) तुल्यकाली संधारित्रों के प्रयोग द्वारा
(3) फेज एडवान्सर के प्रयोग द्वारा
KW वाटमीटर द्वारा मापी गयी वास्तविक शक्ति है।
KVA मशीन की रेटेड पावर है। इसे आभासी पावर भी कहते है।
KV एक्टिव कम्पोनेन्ट = KVA*cosф